Ranchi : केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने झारखंड दौरे के दौरान रांची में राज्य के शहरी विकास और बिजली क्षेत्र की समीक्षा बैठक की। इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन-शहरी, पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) समेत कई योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झारखंड के आदिवासी और दूरदराज़ क्षेत्रों में अब भी लगभग 30 हजार घर ऐसे हैं, जहां बिजली कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन घरों तक जल्द बिजली पहुंचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा और जहां ग्रिड पहुंचाना संभव नहीं है, वहां सौर ऊर्जा के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा।
राज्य में अधिक बिजली नुकसान (ट्रांसमिशन लॉस) पर चिंता जताते हुए मंत्री ने कहा कि इसे मौजूदा 24 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। उनका मानना है कि इससे बिजली वितरण व्यवस्था बेहतर होगी और बिजली चोरी पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
मनोहर लाल खट्टर ने स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को भी आगे बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि व्यावसायिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भी लगाए जाएंगे, जिससे बिलिंग प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। साथ ही डीवीसी कमांड एरिया में ट्रांसमिशन संबंधी समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया गया।

शहरी विकास को लेकर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड के तहत झारखंड को शुरुआती तौर पर 1900 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इस राशि के आधार पर राज्य लगभग 7600 करोड़ रुपये तक की शहरी विकास परियोजनाएं तैयार कर सकता है, जिससे बुनियादी ढांचे और नगर सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। रांची समेत राज्य के नौ प्रमुख डंप साइट्स को चिन्हित कर उनके वैज्ञानिक निस्तारण और सफाई के लिए केंद्र सरकार द्वारा सहयोग देने की बात कही गई। साथ ही जिला स्तर पर बेहतर शहरी प्रबंधन के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
वहीं, झारखंड के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने बैठक में राज्य की भौगोलिक और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पूरे देश के लिए एक जैसी नीति झारखंड जैसे राज्यों की जरूरतों को पूरी तरह पूरा नहीं कर सकती। उन्होंने डीवीसी और जेबीवीएनएल की संयुक्त टीम बनाकर बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार और केंद्र से विशेष सहयोग की मांग भी रखी।



