Sahibganj : संथाल हूल क्रांति के महानायक वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो की स्मृति में मंगलवार को साहिबगंज के बरहेट प्रखंड स्थित भोगनाडीह में हूल दिवस सादगीपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया गया।
इस वर्ष हूल दिवस का आयोजन बेहद सादगी के साथ हुआ। पूर्व वर्षों की तरह न तो कोई सरकारी समारोह आयोजित किया गया और न ही विकास मेला, योजनाओं की आधारशिला या नियुक्ति पत्र वितरण जैसे कार्यक्रम हुए। आमतौर पर इस अवसर पर मुख्यमंत्री या राज्य सरकार के मंत्री शामिल होते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के वंशजों ने वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार की। वंशज मंडल मुर्मू और उनके परिवार ने सबसे पहले शहीदों की प्रतिमाओं का शुद्ध जल से अभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद अन्य लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पिछले वर्ष हुए विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन शहीदों के वंशज मंडल मुर्मू सहित 53 लोगों को नोटिस जारी किया था। हालांकि इस बार पूरा आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और कहीं से किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सत्तारूढ़ दल की ओर से सांसद विजय हांसदा, विधायक एमटी राजा, विधायक धनंजय सोरेन और पंकज मिश्रा ने शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने भी श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीदों के योगदान को नमन किया।
वहीं विपक्ष की ओर से भाजपा नेता कर्मवीर सिंह, अमर बाउरी, दिनेश विलियम मरांडी, पूर्व विधायक लोबिन हेंब्रम तथा शहीदों के वंशज मंडल मुर्मू ने संयुक्त रूप से प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और आदिवासी समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
राजमहल सांसद विजय हांसदा ने कहा कि इस वर्ष हूल दिवस पूरी गरिमा और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। उन्होंने झारखंड और विशेष रूप से संथाल परगना के लोगों को हूल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।



