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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नवचयनित सहायक आचार्यों और महिला पर्यवेक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- यह सिर्फ नौकरी नहीं, बड़ी जिम्मेदारी

Ranchi : Hemant Soren ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित एक विशेष समारोह में नवचयनित सहायक आचार्यों और महिला पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। Jharkhand Staff Selection Commission द्वारा चयनित इंटर प्रशिक्षित और स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को इस दौरान औपचारिक रूप से नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में कुल 316 सहायक आचार्यों और 17 महिला पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर वित्त मंत्री Radhakrishna Kishore, श्रम एवं उद्योग मंत्री Sanjay Yadav, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार लगातार विभिन्न विभागों में मानव संसाधनों को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड की सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं और ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड ने शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में देशभर में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन लंबे समय तक कुछ कारणों से यहां शिक्षा व्यवस्था को जिस गति से आगे बढ़ना चाहिए था, वह नहीं हो पाया।

मुख्यमंत्री ने झारखंड की सामाजिक संरचना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य आदिवासी, दलित और पिछड़े समुदायों की बहुलता वाला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले और उसके बाद भी ये समुदाय प्रतिस्पर्धा के दौर में अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाए। इसके पीछे सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक कई कारण रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इन समुदायों को शिक्षा के माध्यम से मजबूत बनाया जाए और समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

हेमंत सोरेन ने नवनियुक्त शिक्षकों और महिला पर्यवेक्षकों से कहा कि यह सिर्फ एक सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि समाज को बदलने की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे ग्रामीण और दूरदराज इलाके हैं, जहां लोग आज भी अपने गांव या जिला मुख्यालय से बाहर नहीं निकल पाए हैं। ऐसे लोगों तक पहुंचकर उन्हें नई दिशा देना और भविष्य के लिए तैयार करना अब शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के अनुरूप लोगों को शिक्षित और जागरूक बनाना सबसे बड़ी चुनौती है, जिसे नवचयनित कर्मियों को स्वीकार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार बनने के बाद से विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीनों में ही शिक्षा विभाग में 9 हजार से अधिक लोगों को नियुक्त किया गया है, जबकि पिछले दो वर्षों में करीब 16 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी हजारों पदों पर बहाली की प्रक्रिया जारी रहेगी ताकि राज्य की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत हो सके।

इस अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी नवचयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता उम्मीदवारों की मेहनत, धैर्य और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही राज्य के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी भी शुरू हो जाती है। मंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपनी कार्यक्षमता और ईमानदारी से राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

समारोह के दौरान श्रम एवं उद्योग मंत्री संजय यादव ने भी नवचयनित सहायक आचार्यों और महिला पर्यवेक्षकों को बधाई दी। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और अतिथियों ने उम्मीद जताई कि नई नियुक्तियों से राज्य के स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि शिक्षकों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।

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