Khunti: खूंटी पुलिस ने पीएलएफआई संगठन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके दो सहयोगियों को अवैध हथियार और जिंदा गोली के साथ गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपी संगठन के लिए लेवी वसूली और क्षेत्र में नेटवर्क मजबूत करने का काम कर रहे थे।
एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खूंटी थाना क्षेत्र के जिलिंग जंगल में पीएलएफआई के सदस्य किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के बाद तुरंत एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक राम प्रवेश कुमार ने किया।
पुलिस टीम ने जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर छापेमारी की, जहां से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन से चार अन्य अपराधी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू स्वांसी (32 वर्ष) और कुलन कोनगाड़ी (27 वर्ष) के रूप में हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से दो देसी कट्टा और 8 एमएम की दो जिंदा गोलियां बरामद की गईं। पूछताछ में दोनों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वे पीएलएफआई संगठन के सक्रिय सदस्यों के सहयोगी हैं और संगठन के लिए लेवी वसूली में मदद करते थे।
एसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ खूंटी थाना कांड संख्या 65/26 दिनांक 09 मई 2026 के तहत धारा 25(1-B)ए/26/35 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। वहीं फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान जारी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कुलन कोनगाड़ी का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रनिया और तोरपा थाना में पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
छापेमारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक, पुलिस उपाधीक्षक राम प्रवेश कुमार, खूंटी थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह, कर्रा थाना प्रभारी दीपक कांत कुमार, रनिया थाना प्रभारी श्यामल कुंभकार सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में उग्रवादी गतिविधियों और लेवी तंत्र के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।



