Khunti: जिले में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तपकरा थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में चोरी की लकड़ियों से भरी एक पिकअप वाहन को जब्त किया गया है। साथ ही वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया आज एक सूचना मिली थी कि लोहरदगा की ओर से एक सफेद रंग की महिंद्रा पिकअप वाहन में अवैध रूप से जंगल की लकड़ियां लोड कर कालेट की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही उनके निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, तोरपा के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
छापेमारी दल ने लोहरदगा-कालेट मुख्य मार्ग पर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। कुछ देर बाद संदिग्ध पिकअप वाहन दिखाई दिया। पुलिस टीम द्वारा वाहन रोकने का इशारा किए जाने पर चालक वाहन को तेज गति से भगाने लगा। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर वाहन को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान पिकअप वाहन संख्या जेएच01डीपी-5810 के डाला में पीले रंग के तिरपाल से ढंककर रखे गए चोरी के 25 पीस लकड़ी बरामद किए गए। पुलिस ने चालक सीट के आगे से लावा कंपनी का एक मोबाइल फोन भी जब्त किया। बरामद लकड़ियों की लंबाई लगभग सात फीट तथा मोटाई करीब चार इंच बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई है।
पूछताछ के दौरान चालक लकड़ियों से संबंधित कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने वाहन, लकड़ी एवं मोबाइल फोन को जब्त करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुणाल स्वांसी (19 वर्ष), पिता कृष्णा स्वांसी, निवासी चुकाटोली, थाना तपकरा, जिला खूंटी के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उक्त लकड़ियों को तपकरा के एक व्यापारी तक पहुंचाने के लिए कहा गया था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और लकड़ी चोरी व तस्करी में शामिल अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
इस संबंध में तपकरा थाना कांड संख्या 04/26 के तहत धारा 317(5)/3(5) बीएनएस एवं 41/42 वन अधिनियम 1927 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। छापेमारी दल में एसडीपीओ तोरपा क्रिस्टोफर केरकेट्टा, तपकरा थाना प्रभारी नितेश कुमार गुप्ता, पुलिस पदाधिकारी रामजी यादव, जलेश्वर उरांव तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।



