Khunti: कर्रा प्रखंड अंतर्गत डुमरगड़ी पंचायत भवन प्रांगण में गुरुवार को ग्राम सभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पार्वती कच्छप ने की। ग्राम सभा में गांव से जुड़े विभिन्न सामाजिक, प्रशासनिक एवं विकासात्मक मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे। 
बैठक का मुख्य विषय डुमरगड़ी गांव के ग्राम प्रधान जीतपहान मुंडा को पद से हटाने तथा उनके द्वारा दिए गए विवादित बयान को लेकर था। ग्रामीणों ने इस मामले पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्राम सभा में चर्चा की। इस दौरान ग्राम प्रधान जीतपहान मुंडा ने अपने बयान को गलती बताते हुए भविष्य में दोबारा ऐसा बयान नहीं देने की बात स्वीकार की। साथ ही उन्होंने स्वेच्छा से ग्राम प्रधान पद से त्यागपत्र देने पर सहमति जताई।
ग्राम सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि मुंडा-पाहन खूंट की परंपरा के अनुसार नए ग्राम प्रधान के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। ग्रामीणों ने गांव में आपसी सौहार्द और पारंपरिक व्यवस्था को बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक में गांव के जंगलों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने कहा कि जंगल गांव की धरोहर है और इसकी सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। आवश्यकता के अनुसार गांव के सभी टोला के परिवारों को जंगल के संसाधनों के उपयोग की अनुमति देने पर विचार-विमर्श किया गया, लेकिन जंगल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अलावा पेशा कानून के तहत सहायक सचिव एवं कोषाध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी विरोध दर्ज किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा को बिना सूचना दिए उपायुक्त कार्यालय खूंटी जाने जैसी गतिविधियां की गईं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। बैठक में यह भी कहा गया कि गांव में होने वाले सभी विकास कार्यों में हर टोला के लोगों की समान भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास का लाभ सभी तक पहुंच सके।
बैठक में अजीत मुंडा, अरुण कुजूर, प्रेम होरो, फूलमनी तिग्गा, संजय केरकेट्टा, भोला मुंडा, सोहन बारला, राम मुंडा, सीता मुंडाईन, किरन कुजूर, सनातन स्वासी, बुधनाथ कच्छप सहित सैकड़ों ग्रामीण महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।



