Ranchi: झारखंड में भारतीय जनता पार्टी संगठन को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। प्रदेश कमेटी के गठन के बाद अब पार्टी मोर्चा और प्रकोष्ठ अध्यक्षों की नियुक्ति की तैयारी में जुट गई है। बताया जा रहा है कि संभावित नामों की सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी गई है और जल्द ही नई टीम की घोषणा हो सकती है।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की चर्चा के बाद नामों को अंतिम रूप दिया है। सूत्रों के अनुसार महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और ओबीसी मोर्चा में इस बार नए चेहरों को प्राथमिकता दी जा सकती है। पार्टी नेतृत्व का फोकस अब संगठन में नई पीढ़ी को आगे लाने पर है।
भाजपा के अंदर यह चर्चा भी तेज है कि जो नेता लगातार दो कार्यकाल तक मोर्चों में पद संभाल चुके हैं, उन्हें इस बार संगठनात्मक जिम्मेदारी से बाहर किया जा सकता है। उनकी जगह जिलों और जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा में भी बदलाव के संकेत दे रही है। वहीं ओबीसी मोर्चा के लिए उपयुक्त नाम तय करने में केंद्रीय नेतृत्व की विशेष भूमिका बताई जा रही है। पार्टी का मानना है कि सामाजिक समीकरणों और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नई टीम बनाई जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कार्यकर्ताओं को बिजली, पानी और कानून व्यवस्था जैसे जनहित के मुद्दों पर लगातार आंदोलन करने के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में पार्टी द्वारा जल संकट और बिजली समस्या को लेकर कई जिलों में प्रदर्शन भी किए गए हैं।
भाजपा अब पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए गांव स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं को पंचायत स्तर पर सक्रिय कर ग्रामीण इलाकों में जनसंपर्क अभियान तेज करने की योजना बनाई गई है।
इसके साथ ही भाजपा नेताओं का जिला प्रवास कार्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाएंगे और केंद्र सरकार की योजनाओं तथा उनके लाभों की जानकारी जनता तक पहुंचाएंगे। आने वाले महीनों में संगठनात्मक बदलाव और जनआंदोलन के जरिए भाजपा झारखंड में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की तैयारी में दिखाई दे रही है।



