Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में नारी वंदन अधिनियम को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मुद्दे पर बड़ा कदम उठाने की अपील की है।
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजना चाहिए, ताकि इस कानून को लागू करने की दिशा में पहल हो सके।
रांची स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मरांडी ने बताया कि केंद्र सरकार ने अप्रैल में इस बिल को लेकर विशेष सत्र बुलाया था, लेकिन विपक्ष के अपेक्षित सहयोग के अभाव में यह पारित नहीं हो सका। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे देश की महिलाओं को बड़ा अवसर मिलने से रह गया।
मरांडी ने दावा किया कि यदि यह अधिनियम लागू होता है तो महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे झारखंड में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या में वृद्धि के साथ महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा।
उन्होंने झारखंड के सामाजिक और ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की संस्कृति में महिलाओं को हमेशा सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में स्थान मिला है। उन्होंने फूलो-झानो जैसी वीरांगनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य की महिलाएं आज भी सशक्तिकरण की उम्मीद रखती हैं।
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस विषय पर निर्णय लें और राज्यपाल की अनुमति से विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित करें। उनके अनुसार, यह कदम झारखंड की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर गंभीरता दिखाएगी और महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।



