Khunti: खूंटी जिले के सायको थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने सफल खुलासा कर लिया है। लापता चल रहे युवक का शव बलंगा नदी से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। अब पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना की परतें खोल दी हैं।
पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का उद्भेदन करते हुए बताया कि सायको थाना कांड संख्या 06/26, दिनांक 26 अप्रैल 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मृतक की पहचान ग्राम बाड़ेडीह बलंगा निवासी बुद्धदेव मुंडा उर्फ बुधु मुंडा (पिता- स्व. सिपिन मुंडा) के रूप में हुई थी। उसका शव बलंगा नदी में पत्थर के नीचे दबा हुआ मिला था जिससे साफ है कि हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने की कोशिश की गई थी।
कैसे हुआ खुलासा
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरुण रजक,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, खूंटी के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम में सायको थाना प्रभारी प्रभात रंजन पांडेय समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए इस कांड में शामिल चार अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
हत्या की वजह क्या थी?
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि आपसी रंजिश और विवाद के कारण 24 अप्रैल 2026 की रात करीब 9 बजे गांव में ही बुद्धदेव मुंडा की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को छिपाने के इरादे से उसे बलंगा नदी में पत्थर के नीचे दबा दिया गया था।
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
1. चोण्डे मुंडू (उम्र 19 वर्ष), पिता- स्व. डेसा मुंडू
2. लोदरो मुंडू (उम्र 19 वर्ष), पिता- एतवा मुंडू
3. कोंता मुंडू (उम्र 19 वर्ष), पिता- स्व. उदय मुंडू
4. नारदे मुंडू (उम्र 27 वर्ष), पिता- स्व. जीतनाथ मुंडू
सभी आरोपी ग्राम बाड़ेडीह बलंगा, थाना सायको जिला खूंटी निवासी हैं। पुलिस ने घटना स्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
खून लगी मिट्टी
खून लगा पत्थर
छापामारी टीम में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी खूंटी के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक एवं सायको थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीम ने समन्वित प्रयास से इस जघन्य हत्या कांड का पर्दाफाश किया। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।



