Ranchi : राजधानी रांची में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की युवा इकाई ने शिक्षा सुधार को लेकर एक नई पहल की घोषणा की है। झारखंड यूथ कांग्रेस 4 मई से 4 जून तक “हर गांव स्मार्ट स्कूल” अभियान चलाएगी, जिसका उद्देश्य सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाना है।
इस अभियान की शुरुआत रांची में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जा रही है। यूथ कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष गौरव सिंह ने बताया कि बाद में इसे पूरे राज्य में विस्तार दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
गौरव सिंह ने राज्य की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति कमजोर है, जबकि निजी स्कूलों में फीस, किताब और यूनिफॉर्म के नाम पर अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है। ऐसे में “हर गांव स्मार्ट स्कूल” की अवधारणा से बच्चों को अपने ही गांव में आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान के तहत यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता लोगों से समर्थन जुटाएंगे। रांची शहर से ही करीब 20 हजार लोगों के हस्ताक्षर लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपने की योजना है, ताकि इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जा सके।
हालांकि, इस पहल को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने इस अभियान को “ढपोरशंख” करार दिया। उनका कहना है कि जब कांग्रेस खुद राज्य सरकार में साझीदार है, तो उसे अभियान चलाने के बजाय सीधे नीतिगत फैसले लेकर स्मार्ट स्कूल खोलने चाहिए।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस इस तरह के अभियानों के जरिए जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, जबकि शिक्षा के क्षेत्र में ठोस काम की जरूरत है। उनके अनुसार, सरकार नीतिगत स्तर पर विफल रही है और ऐसे अभियानों से वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
कुल मिलाकर, “हर गांव स्मार्ट स्कूल” मुहिम जहां एक ओर शिक्षा सुधार की दिशा में पहल के रूप में देखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर यह राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बन गई है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अभियान जमीनी स्तर पर कितना असर डाल पाता है।


