Khunti: झारखंड की समृद्ध आदिवासी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए तोरपा के विधायक सुदीप गुड़िया ने बुधवार को प्रखंड परिसर में पाहनों के बीच पारंपरिक वाद्य यंत्रों का वितरण किया। कार्यक्रम के दौरान मुंडा मांदर, नागपुरिया मांदर, ढोल, नगाड़ा, शहनाई और बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि गीत और संगीत हमारी पहचान और संस्कृति की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार “अबुआ सरकार” के मूल मंत्र पर काम करते हुए जमीनी स्तर पर समाज को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन वाद्य यंत्रों का उपयोग केवल अवसर विशेष तक सीमित न रखें, बल्कि नई पीढ़ी को नियमित रूप से सीखने और सिखाने की परंपरा विकसित करें।
विधायक ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की मांग है। आधुनिकता को अपनाते हुए भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखना जरूरी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि गांव-समाज में बैठकी कर गीत-संगीत का अभ्यास करें, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी पहचान को समझ सके।
उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि युवाओं के लिए आईएएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है, साथ ही विदेश में उच्च शिक्षा के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से प्रतिभावान छात्रों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। सरकार समाज के हर वर्ग को साथ लेकर समग्र विकास की दिशा में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम का संचालन बीपीओ नरेंद्र कुमार ने किया। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया, प्रमुख रोहित सुरीन, उपप्रमुख संतोष कर, जिला कल्याण पदाधिकारी, अंचलाधिकारी पूजा बिन्हा, प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर उपुल बहा मुर्मू, अंकिता कुमारी, झामुमो नेता प्रदीप केशरी, मोजीर अंसारी, मुखिया बुधराम कंडुलना, अनास्तसिया आईंद, आगाथा भेंगरा, प्रतिमा तिरु सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद रहे।



