Ranchi: झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में हुई 13 वर्षीय नाबालिग की हत्या के मामले में सियासत गरमा गई है। पुलिस द्वारा मामले के खुलासे के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने जांच की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दरअसल, 24 मार्च को हुई इस हत्या मामले में पुलिस ने 1 अप्रैल को खुलासा करते हुए बताया था कि मृतका की मां ने अपने बेटे की बीमारी ठीक कराने के लिए अंधविश्वास में आकर बेटी की बलि दे दी। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
लेकिन अंबा प्रसाद ने पुलिस की इस पूरी कहानी को खारिज करते हुए इसे “चंदा मामा वाली कहानी” करार दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रेस रिलीज के हर बिंदु पर कई सवाल खड़े होते हैं और यह थ्योरी पूरी तरह संदिग्ध लगती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मां ने बेटे की बीमारी के कारण ऐसा कदम उठाया, तो यह स्पष्ट क्यों नहीं किया गया कि बेटा किस गंभीर या लाइलाज बीमारी से पीड़ित था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने अष्टमी के शुभ मुहूर्त का हवाला दिया, जबकि घटना की तारीख 24 मार्च बताई गई, जो कथित मुहूर्त से मेल नहीं खाती।
इन सभी विसंगतियों को देखते हुए अंबा प्रसाद ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है।
इस दौरान उन्होंने आदित्य साहू के उस बयान को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्य आरोपी भीम राम का भाजपा से कोई संबंध नहीं है। अंबा प्रसाद ने कुछ तस्वीरें सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि आरोपी कई भाजपा नेताओं और विधायकों के साथ नजर आया है।
इस बयानबाजी के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। एक ओर पुलिस अपनी जांच को सही ठहरा रही है, वहीं विपक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जिससे यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।



