Dumka: दुमका के लोकसभा सांसद नलिन सोरेन को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का सदस्य मनोनीत किया गया है। यह समूह भारत और फिलीपींस के बीच विधायी और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने का कार्य करेगा।
लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से इस मनोनयन की जानकारी दी गई। इस समाचार ने संथाल परगना और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ा दी है। इसे क्षेत्र के लिए बड़े सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
सांसद नलिन सोरेन ने मनोनयन पर कहा कि यह उनके लिए गर्व के साथ-साथ बड़ी चुनौती भी है। उन्होंने कहा, “मैं इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाऊंगा। मेरा लक्ष्य सदैव झारखंड और संथाल परगना की आवाज को राष्ट्रीय मंचों पर उठाना रहा है। अब मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने का अवसर मिला है।”
सांसद ने यह भी कहा कि उन्हें क्षेत्र की जनता से जो स्नेह और समर्थन मिला है, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने भरोसा जताया कि इसी प्रतिबद्धता के साथ वे जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे।
संसदीय मैत्री समूह का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की संसदों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करना है। नलिन सोरेन के इस समूह में शामिल होने से झारखंड के नेतृत्व को वैश्विक पहचान मिलेगी और भारत-फिलीपींस के बीच विधायी सहयोग को नया आयाम मिलेगा।
सांसद की पत्नी एवं सह जिला परिषद अध्यक्ष जायस बेसरा ने इस उपलब्धि को समाज सेवा के पथ पर और अधिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा बताया।
यह केवल नलिन सोरेन के लिए नहीं, बल्कि पूरे संथाल परगना और झारखंड के लिए गौरव का क्षण है। विश्वास जताया जा रहा है कि वह इस नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी कुशलता और ईमानदारी के साथ करेंगे, जिससे झारखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी।



