Khunti: खूंटी के सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप मिश्रा ने एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग और वितरण में लागू 25 दिन (शहरी क्षेत्र) तथा 45 दिन (ग्रामीण क्षेत्र) की बाध्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार से जनहित में इस व्यवस्था को समाप्त कर गैस उपभोक्ताओं को राहत देने की अपील की है।
अपने पत्र में दिलीप मिश्रा ने कहा है कि वर्तमान में गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच अलग-अलग समय सीमा निर्धारित की गई है। शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही दोबारा गैस सिलेंडर बुक करने की अनुमति दी जाती है, जिससे विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर संयुक्त परिवार रहते हैं, जिसके कारण गैस की खपत शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक होती है। ऐसे में एक सिलेंडर 45 दिनों तक चल पाना अधिकांश परिवारों के लिए संभव नहीं होता। कई बार लोगों को मजबूरी में लकड़ी या अन्य पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ता है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में कई जगहों पर गैस पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह सुविधा नहीं है। इसके अलावा शहरों में बिजली की आपूर्ति अपेक्षाकृत बेहतर होती है, जिससे लोग इंडक्शन चूल्हा और माइक्रोवेव जैसे विकल्पों का उपयोग कर लेते हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण लोग इन सुविधाओं का उपयोग नहीं कर पाते और पूरी तरह रसोई गैस पर निर्भर रहते हैं।
दिलीप मिश्रा ने अपने पत्र में कहा है कि भोजन हर व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता है और रसोई गैस आज के समय में एक आवश्यक वस्तु बन चुकी है। ऐसे में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच इस प्रकार का भेदभाव उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदान के समय शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाता, इसलिए आवश्यक वस्तुओं के वितरण में भी समानता होनी चाहिए।
उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री से आग्रह किया है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग और वितरण से जुड़ी 25 और 45 दिनों की बाध्यता को तत्काल समाप्त किया जाए और पहले की तरह सरल एवं सुगम तरीके से गैस सिलेंडर की बुकिंग और उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। दिलीप मिश्रा ने कहा कि यदि केंद्र सरकार इस व्यवस्था में बदलाव करती है तो इससे देशभर के करोड़ों गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।



