Ranchi: रांची स्थित झारखंड विधानसभा में सोमवार को ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया। राज्य में रक्त की कमी को दूर करने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह सहित कई विधायकों और विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों ने रक्तदान किया।

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि खून किसी प्रयोगशाला में नहीं बनता, बल्कि यह केवल मानव शरीर से ही प्राप्त होता है। ऐसे में प्रत्येक स्वस्थ महिला और पुरुष को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और अन्य आपात स्थितियों में हर साल कई लोगों की जान केवल खून की कमी के कारण चली जाती है। यदि लोग नियमित रूप से रक्तदान करें तो जरूरत के समय मरीजों को समय पर खून उपलब्ध कराया जा सकता है।

वहीं ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि रक्तदान करने से शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। एक स्वस्थ व्यक्ति हर छह महीने में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आगे आकर रक्तदान करें, ताकि जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा सके।
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहा था कि राज्य के किसी भी अस्पताल में मरीजों या उनके परिजनों से खून के बदले खून की मांग नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया था कि जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराना अस्पताल और संबंधित ब्लड बैंक की जिम्मेदारी है।


