Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में बजट सत्र के दौरान राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने की चर्चा और राष्ट्रपति के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इस मुद्दे पर विधायक सरयू राय और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अलग-अलग बयान देकर राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है।
विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए सरयू राय ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का फैसला अच्छा नहीं लगा। उन्होंने कहा कि कई लोग इस फैसले की सराहना कर रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि उचित समय पर उचित निर्णय लिया जाता तो बेहतर होता। उन्होंने कहा कि जिस तरह जल्दबाजी में यह फैसला लिया गया, उससे बचा जा सकता था। सरयू राय ने यह भी कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई न कोई कारण जरूर होगा, लेकिन फिलहाल उसके बारे में केवल अनुमान ही लगाया जा सकता है।
नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की राजनीति में संभावित एंट्री पर भी सरयू राय ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि फिलहाल निशांत कुमार की पहचान सिर्फ इतनी है कि वह नीतीश कुमार के पुत्र हैं। आगे चलकर वह अपने काम और जिम्मेदारियों के जरिए अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता साबित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नीतीश कुमार चाहते तो अपने बेटे को पहले ही राजनीति में स्थापित कर सकते थे, इसलिए इस विषय में उनकी भूमिका को समझना जरूरी है।
दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर हैं और उनके कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का पालन न करना न केवल राष्ट्रपति पद की गरिमा का अपमान है, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का भी अनादर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल को कई बार बदला गया और आयोजन में बाधा डालने की कोशिश की गई।
इसके अलावा बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठी जल सहियाओं के साथ जिला प्रशासन के कथित व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मांग की कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जाए। मरांडी ने कहा कि राज्य में कुछ नौकरशाह बेलगाम हो गए हैं और प्रशासनिक अधिकारियों को अपने व्यवहार में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।



