Ranchi: भारत मुंडा समाज की ओर से मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में भारत मुंडा समाज के झारखण्ड प्रदेश अध्यक्ष सुशील पाहन ने जानकारी देते हुए कहा कि मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा का योगदान न केवल आदिवासी समाज बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक और अतुलनीय रहा है। 
सुशील पाहन ने कहा कि मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक खेलों में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया था, जिससे भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ। खेल के क्षेत्र में उनके योगदान ने देश के युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा दी।
उन्होंने आगे कहा कि स्वतंत्रता के बाद जब देश के लिए संविधान का निर्माण किया जा रहा था, उस ऐतिहासिक प्रक्रिया में भी मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे संविधान निर्माण समिति के सदस्य रहे और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। यह उनके दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सुशील पाहन ने कहा कि मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा न केवल एक महान खिलाड़ी और संविधान निर्माता थे, बल्कि वे आदिवासी समाज के सशक्त अगुआ और जननायक भी थे। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और पहचान के लिए आजीवन संघर्ष किया।
भारत मुंडा समाज की ओर से भारत सरकार से यह पुरजोर मांग की गई है कि ऐसे महान व्यक्तित्व को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि समाज और क्षेत्र के लोग इस मांग को लेकर लगातार अभियान चला रहे हैं। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस मांग को और अधिक मजबूती दी जा रही है, ताकि देशभर में जनसमर्थन जुटाया जा सके।
अंत में सुशील पाहन ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग इस अभियान में अपनी सहभागिता निभाएं और मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा को भारत रत्न दिलाने की इस ऐतिहासिक मांग को मजबूती प्रदान करें।



