Jamtara : जामताड़ा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 4 में फैला कचरा इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। जिला मुख्यालय होने के बावजूद शहर में अब तक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू नहीं हो पाया है, जिसके कारण पूरे शहर का कूड़ा-कचरा सड़क किनारे खुले में फेंका जा रहा है। आने वाले नगर निकाय चुनाव में यह मुद्दा अहम बनता नजर आ रहा है।
सड़क किनारे डंप हो रहा शहर का कचरा
जामताड़ा नगर, जो नगर पंचायत के अंतर्गत आता है, वहां कचरा निस्तारण की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। इसका खामियाजा वार्ड नंबर 4 के लोग भुगत रहे हैं, जहां शहर का अधिकांश कचरा सड़क के किनारे डाल दिया जाता है। इससे लगातार दुर्गंध फैलती रहती है और लोगों को प्रदूषण का सामना करना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि यही सड़क जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के आवागमन का मुख्य मार्ग है, बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है।
खुले कचरे से बढ़ रहा प्रदूषण और परेशानी
सड़क किनारे लगे कचरे के ढेर से राहगीरों को मुंह ढककर गुजरना पड़ता है। हवा में बदबू और प्रदूषण फैलने से स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। वार्ड नंबर 4 के निवासी बताते हैं कि उन्हें रोजाना इस गंदगी के बीच रहना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
पशुओं की मौत और तालाब भी हो रहा प्रदूषित
खुले में पड़े कचरे से पशु प्लास्टिक और गंदगी खा लेते हैं, जिससे वे बीमार पड़ते हैं और कई बार उनकी मौत भी हो जाती है। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पास में स्थित एक बड़ा पोखरा, जहां छठ पूजा होती है, उसमें भी कचरा पहुंच रहा है, जिससे जलस्रोत प्रदूषित हो रहा है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में नाकामी
नगर पंचायत और जिला प्रशासन ने कई बार कचरा निस्तारण के लिए जगह चिन्हित करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम अब तक लागू नहीं हो सका। नतीजतन, शहर का कचरा आज भी सड़क किनारे ही फेंका जा रहा है।
होल्डिंग टैक्स तो बढ़ा, सुविधाएं नदारद
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नए नगर पालिका कानून के तहत उनसे होल्डिंग टैक्स तो बढ़ा-चढ़ाकर लिया जा रहा है, लेकिन उसके अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय अग्रवाल का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों की आमदनी कम है, फिर भी टैक्स ज्यादा लिया जा रहा है, जबकि मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
चुनाव से पहले बड़ा सवाल
लंबे समय बाद जामताड़ा में नगर निकाय चुनाव होने जा रहे हैं और शहर को नई सरकार मिलने वाली है। अब देखना यह होगा कि क्या नई नगर सरकार वार्ड नंबर 4 सहित पूरे शहर की कचरा समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएगी या फिर लोगों को इसी बदहाली में जीने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।



