Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड स्थित सेरेंगसिया शहीद स्थल पर आयोजित शहीद दिवस सह विकास एवं रोजगार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की सरकार रांची के हेडक्वार्टर से नहीं, बल्कि गांव से चलती है। यह सरकार लेने वाली नहीं, देने वाली सरकार है, जो आम जनता के सुख-दुख की जिम्मेदारी उठाती है।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर अमर शहीदों को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। उन्होंने कहा कि यह धरती जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीरों की गवाही देती है और उनके संघर्ष से आज अधिकारों की लड़ाई को प्रेरणा मिलती है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया और 1479 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। नियुक्ति पत्र पाकर युवाओं में खासा उत्साह दिखा।
बिजली माफी और मुफ्त बिजली का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के जरिए गांव-गांव जाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। पहले गांवों में बिजली नहीं आती थी, लेकिन बिल जरूर आता था। इसे बदलते हुए सरकार ने एकमुश्त बिजली बकाया माफ किया और अब 200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है।
महिलाओं और युवाओं पर फोकस
उन्होंने बताया कि महिलाओं से किए गए वादे के अनुसार मैया सम्मान योजना लागू की गई, जिससे केवल पश्चिमी सिंहभूम में ही दो लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। जेपीएससी के माध्यम से हजारों युवाओं को नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 2026 के पहले माह तक 25–26 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और प्रक्रिया जारी है।
भाजपा पर हमला
सीएम सोरेन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड के 25 वर्षों में भाजपा ने राज्य को “लूट का घर” बनाया, जबकि झामुमो सरकार वादे निभाने वाली सरकार है।
असम में आदिवासियों पर अत्याचार का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने असम में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां आदिवासियों पर दोहरे कानून लागू किए जा रहे हैं। हाल के दिनों में 25–30 आदिवासी गांव जलाए जाने और जानमाल के नुकसान का जिक्र करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि झारखंड के आदिवासी अपने भाइयों के साथ खड़े हैं और जरूरत पड़ी तो पूरा राज्य समर्थन में खड़ा होगा।
शिक्षा पर जोर
अभिभावकों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को शिक्षा की ओर प्रेरित करें—इंजीनियर, डॉक्टर, आईएएस और आईपीएस बनाएं। सरकार सावित्रीबाई फुले योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा को प्रोत्साहन दे रही है।
कार्यक्रम में मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, ग्रामीण, युवा और बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहे। पूरे आयोजन में श्रद्धांजलि की भावुकता और विकास के उत्साह का माहौल देखने को मिला।



