Ranchi : एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले इस बजट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने एक बार फिर झारखंड के लिए विशेष पैकेज और रॉयल्टी बकाया राशि के भुगतान की मांग उठाई है। हालांकि यह बजट वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए होगा, लेकिन इसमें ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कई अहम प्रावधानों की उम्मीद की जा रही है।
रॉयल्टी बकाया और विशेष पैकेज की मांग: झामुमो
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि बजट से सबको उम्मीदें होती हैं, लेकिन इस बार भी आम लोगों को निराशा हाथ लगने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई और बढ़ेगी और बजट में पूंजीपतियों के लिए घोषणाएं होंगी, जबकि गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए कोई ठोस योजना नहीं आएगी।
उन्होंने कहा कि चूंकि फिलहाल कोई बड़ा चुनाव नहीं है, इसलिए आम जनता को राहत मिलने की संभावना कम है। झामुमो नेता ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है और झारखंड को उसका हक नहीं मिल पा रहा है।
मनोज पांडे ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संघीय ढांचे की भावना के अनुरूप काम करेगी और झारखंड को उसकी बकाया रॉयल्टी राशि के साथ-साथ विशेष पैकेज देने पर गंभीरता से विचार करेगी।
झारखंड और देश को लाभ पहुंचाएगा बजट: बीजेपी
वहीं, केंद्रीय बजट को लेकर झारखंड बीजेपी ने सकारात्मक रुख अपनाया है। बीजेपी नेता दीनदयाल वर्णवाल ने कहा कि आने वाला बजट झारखंड सहित पूरे देश के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की छवि मजबूत हुई है और देश की जीडीपी में भी सुधार हुआ है, ऐसे में यह बजट सभी वर्गों की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा।
झामुमो पर बीजेपी का पलटवार
बीजेपी नेता ने झामुमो की विशेष पैकेज की मांग पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्र से मिलने वाली राशि का राज्य सरकार किस तरह उपयोग करती है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में केंद्रीय योजनाओं को जानबूझकर लटकाया जाता है और समय पर राशि खर्च नहीं होने के कारण योजनाएं प्रभावित होती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कई योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं, जिसकी वजह से विकास की गति बाधित हुई है।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट से पहले झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर झामुमो जहां विशेष पैकेज और बकाया भुगतान की मांग कर रहा है, वहीं बीजेपी को भरोसा है कि यह बजट राज्य और देश दोनों के लिए विकास की नई राह खोलेगा।


