Ranchi : रांची के उत्क्रमित मध्य विद्यालय महावीर नगर, ऊपर टोला में पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देने की एक सराहनीय पहल सामने आई है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रंथु साहु के नेतृत्व में “शून्य से सशक्तीकरण” कार्यक्रम के तहत छात्रों को सीड बॉल (बीज गोला) बनाना सिखाया जा रहा है, जिससे बच्चे सामाजिक सरोकार और प्रकृति से जुड़ सकें।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत चल रहे इस कार्यक्रम में छात्रों ने सामूहिक प्रयास से 10,000 सीड बॉल तैयार किए। इन सीड बॉल्स को बच्चों ने अपने आसपास की खाली जमीनों और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में फेंका, ताकि वहां नए पौधे उग सकें। इस वर्ष अच्छी वर्षा होने के कारण इस पहल का सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिला है और कई स्थानों पर नई पौध निकल आई है।
व्यावसायिक शिक्षा से जुड़ रहे बच्चे
प्रधानाचार्य रंथु साहु ने बताया कि बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से यह लक्ष्य तय किया गया था। इसके लिए विद्यालय के पोषक क्षेत्र से बच्चों ने खुद विभिन्न प्रकार के बीज एकत्र किए, जिनमें कटहल, आम, जामुन, महुआ, बढ़हर, करंज, इमली, कुसुम, डोरी, खजूर, केंद और शरीफा जैसे पौधों के बीज शामिल थे।
विद्यालय के चारों हाउस, इको क्लब, बाल संसद, शिक्षक एवं अन्य छात्रों के सहयोग से यह कार्य पूरा किया गया। सीड बॉल्स को ऐसी जगहों पर डाला गया, जहां जमीन खाली थी या झाड़ियां थीं, ताकि अंकुरित पौधों को नुकसान न पहुंचे।
सीसीएल कर्मियों को भी दिए गए सीड बॉल
स्कूल प्रबंधन ने पर्यावरण संरक्षण को और व्यापक बनाने के लिए खलारी सीसीएल के कर्मियों को लगभग 3,000 सीड बॉल भी दिए। इन्हें उन क्षेत्रों में डाला गया, जहां कोयला खनन के बाद मिट्टी भर दी गई थी और जमीन खाली पड़ी थी। इससे इन इलाकों को फिर से हरा-भरा बनाने में मदद मिली है।
इस पहल को स्थानीय लोगों द्वारा भी खूब सराहा जा रहा है। यह प्रयास न सिर्फ बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगा रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से संवेदनशील बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।



