Jamsehdpur: केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में आयोजित डिफेंस एक्सपो और एमएसएमई कानक्लेव के दौरान कहा कि झारखंड में पर्याप्त खनिज संपदा और निवेश के लिए अनुकूल माहौल है, इसलिए उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु की तरह यहां भी डिफेंस कॉरिडोर बनाया जा सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कानून-व्यवस्था और सिंगल विंडो सिस्टम विकसित करने की अपील की।
संजय सेठ ने कहा कि देश में चार करोड़ एमएसएमई हैं, लेकिन मात्र 16 हजार ही डिफेंस सेक्टर से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि अधिक से अधिक एमएसएमई और स्टार्टअप डिफेंस सेक्टर के साथ जुड़ें। इसके लिए झारखंड सरकार को इच्छाशक्ति दिखानी होगी ताकि जमशेदपुर, रांची और बोकारो में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण संभव हो सके।
मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति पर चिंता
संजय सेठ ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया था, लेकिन वे विदेश में निवेश तलाशने गए थे। उनका मानना है कि राज्य के निवेशक और उद्यमी इस समय झारखंड छोड़ने की तैयारी में हैं।
डिफेंस क्षेत्र में माहौल बनाने की पहल
संजय सेठ ने बताया कि उन्होंने डेढ़ साल में केंद्रीय रक्षा मंत्री के पद से झारखंड में डिफेंस क्षेत्र के लिए उपयुक्त माहौल बनाने के कई कदम उठाए हैं—आर्म्ड फोर्स एक्सपो, एयर शो और ईस्ट टेक डिफेंस एक्सपो का आयोजन किया। अब जमशेदपुर में डिफेंस कॉनक्लेव के जरिए राज्य में निवेशकों और उद्यमियों को डिफेंस सेक्टर से जोड़ने की पहल की जा रही है।
कैरव गांधी के अपहरण पर चिंता
केंद्रीय राज्यमंत्री ने उद्यमी कैरव गांधी के हालिया अपहरण पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ उद्यमियों और निवेशकों का मनोबल तोड़ती हैं। उन्होंने पुलिस कार्यवाही की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री से इस मामले में संज्ञान लेने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
संजय सेठ ने कहा कि झारखंड में डिफेंस सेक्टर को बढ़ावा देना गौरव की बात है और इसके लिए सभी हितधारकों का सहयोग आवश्यक है।



