Ranchi: ईडी के अधिकारियों पर रांची पुलिस की कार्रवाई को लेकर आज झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। इस मामले में अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 09 फरवरी निर्धारित की है।
झामुमो का संतुलित रुख
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने हाईकोर्ट में हुई सुनवाई पर संतुलित टिप्पणी दी है। झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए और आपस में बयानबाजी से स्थिति खराब हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला अब न्यायालय में है और अकारण विवाद नहीं होना चाहिए।
बीजेपी ने सरकार पर हमला तेज किया
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके नेता बाबूलाल मरांडी ने पहले ही राज्य में डीजीपी की अवैध नियुक्ति का मामला उठाया था। साह ने आरोप लगाया कि रांची पुलिस की ओर से ईडी अधिकारियों पर फर्जी मामले में कार्रवाई की रोक लगाई गई और ईडी कार्यालय की सुरक्षा केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को सौंपी गई।
अजय साह ने कहा, “जिस राज्य में केंद्रीय एजेंसियों के दफ्तर और अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं, वहां आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। ईडी अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए यह आपराधिक साजिश रची गई थी और जल्द ही इसका खुलासा होगा कि इसमें कौन लोग शामिल थे।”
बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी द्वारा मामले को उठाने पर झामुमो की ओर से उन्हें प्राथमिकी दर्ज करने की धमकी दी गई।


