Khunti: तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने आज अपने विधानसभा क्षेत्र के रनिया प्रखंड अंतर्गत खटखुरा पंचायत के सुदूरवर्ती गांव बुरु उर्मूडा एवं ओलोंगेर का दौरा किया। इस दौरान वे “मुख्यमंत्री उज्जवल झारखण्ड योजना” के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और विधिवत उद्घाटन कर योजनाओं को ग्रामीणों को समर्पित किया। 
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने जरूरतमंद ग्रामीणों के बीच कंबल का वितरण किया, जिससे ठंड के मौसम में उन्हें राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने गांव के विद्यालय का निरीक्षण कर वहां की वर्तमान स्थिति, शैक्षणिक व्यवस्था एवं बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ विधायक सुदीप गुड़िया का पारंपरिक एवं भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों के इस स्नेह और अपनत्व से अभिभूत विधायक ने सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। 
इस अवसर पर विधायक ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए वे हर संभव सहयोग करेंगे। अपने संबोधन में विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि वे विधायक निर्वाचित होने से पहले भी कई बार इस गांव में आ चुके हैं। उस समय यहां तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं थी और विद्यालय आम के बगीचे के नीचे संचालित होता था।
उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान मसीह द्वारा गांव की समस्याएं उनके समक्ष रखी गई थीं, जिसके बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर गांव को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण सड़क उपलब्ध कराई। आज स्थिति यह है कि गांव तक सड़क का निर्माण हो चुका है, पक्का विद्यालय भवन बन गया है और अब गांव में बिजली की सुविधा भी उपलब्ध है।
विधायक ने आगे एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि बुरु उर्मूडा और ओलोंगेर दोनों गांवों के बीच एक बड़ा तालाब जल्द ही बनाया जाएगा, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों को कृषि एवं अन्य कार्यों में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि जनवरी माह के अंत तक क्षेत्र को एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
कार्यक्रम के अंत में विधायक सुदीप गुड़िया ने ग्रामीणों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से समाज और परिवार को सशक्त बनाया जा सकता है और गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि, स्थानीय कार्यकर्ता एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।



