Dhanbad : धनबाद के तिसरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के बड़े कारोबार का पर्दाफाश किया। गुप्त सूचना के आधार पर चांदकुइयां पाँच नंबर काली मंदिर के पास स्थित बीसीसीएल के दो आवासों में छापेमारी की गई, जहाँ महीनों से चल रही अवैध मिनी शराब फैक्ट्री का खुलासा हुआ। इस कार्रवाई के दौरान विभाग ने 90 पेटी में रखी 1080 बोतल नकली शराब के साथ-साथ कच्चा स्प्रिट, खाली बोतलें, ब्रांडेड शराब के स्टीकर तथा शराब बनाने की मशीनें जब्त कीं।
छापेमारी की भनक लगते ही फैक्ट्री संचालक साधु चौहान और पवन चौहान मौके से फरार हो गए। फैक्ट्री में मौजूद कई बोतलों को उत्पाद टीम ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। जब्त की गई सामग्री यह साफ दर्शाती है कि यहाँ नाइट ईगल, रॉयल स्टैग, मैकडॉवेल्स और सिग्नेचर जैसे लोकप्रिय ब्रांडों की नकली शराब का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा था।
लोगों ने सवाल उठाया है कि तिसरा थाना पुलिस की नाक के नीचे इतने लंबे समय तक यह फैक्ट्री कैसे संचालित होती रही। स्थानीय निवासियों का दावा है कि पुलिस की गश्ती गाड़ियाँ कई बार उस स्थान से गुजरती थीं, लेकिन किसी को भी फैक्ट्री की गतिविधियों पर शक नहीं हुआ। इस लापरवाही को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
उत्पाद विभाग को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तैयार की गई नकली शराब को झरिया, तिसरा, लोदना और अलकडीहा थाना क्षेत्र के कई होटलों में सप्लाई किया जाता था। छापेमारी के दौरान जब्त दो रजिस्टरों में होटल संचालकों के नाम और शराब लेनदेन का विस्तृत रिकॉर्ड मिला है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी टीम में झरिया अंचल प्रभारी जितेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार, अमित गुप्ता, जय हेमराम, कुलदीप कुमार और अन्य जवान शामिल थे। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



