Chaibasa : चाईबासा पुलिस ने सुमित सिंह यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी मदन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने कार्रवाई करते हुए उसे अवैध हथियारों के साथ दबोच लिया। पूछताछ में मदन शर्मा ने हत्या की बात स्वीकार भी कर ली है। पुलिस ने इस मामले में हथियार सप्लाई करने वाले मारकण्डेय सिंह कुन्टिया को भी गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई
सदर एसडीपीओ बहावन टूटी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली थी कि सुमित सिंह यादव हत्याकांड में वांछित आरोपी मदन शर्मा सिंहपोखरिया से महुलसाई इलाके में अवैध हथियारों के साथ मोटरसाइकिल पर घूम रहा है और किसी बड़ी वारदात की फिराक में है। सूचना के बाद तुरंत एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया।
टीम ने कार्रवाई करते हुए टेकराहातु खदान के पास से मदन शर्मा को पकड़ लिया। दो कट्टा, एक सिक्सर व 13 जिंदा गोलियाँ बरामद, तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से, दो अवैध देसी कट्टा, एक सिक्सर, और 13 जिंदा गोलियाँ बरामद कीं।
हथियारों के संबंध में जब वैध कागजात मांगे गए तो वह कोई उत्तर नहीं दे पाया। पुलिस ने हथियारों को सील कर जप्ती सूची तैयार की और आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।
हथियार सप्लायर भी गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान मदन शर्मा ने हथियार सप्लाई करने वाले व्यक्ति का नाम मारकण्डेय सिंह कुन्टिया बताया, जिसे बाद में छापामारी टीम ने दबोच लिया। मारकण्डेय ने भी हथियार सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
हत्या की पूरी साजिश कबूली
डीएसपी ने बताया कि मदन शर्मा ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 13 जुलाई 2025 को न्यू कॉलोनी नीमडीह में सुमित सिंह यादव की हत्या की थी। उसके अनुसार वर्ष 2022 में सुमित ने पुलिस की मदद कर उसे जय किशन पिगुवा हत्याकांड में गिरफ्तार करवाया था, इसी रंजिश में जेल से निकलने के बाद उसने हत्या की साजिश रची।
लंबा आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार मदन शर्मा और मारकण्डेय सिंह कुन्टिया के खिलाफ विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। हत्याकांड में शामिल अन्य सभी अपराधी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
कार्रवाई में पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष सदर तरुण कुमार, मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार, चन्द्रशेखर, धनंजय कुमार सिंह, अभय कुमार, मेघनाथ मण्डल, श्रीकांत कुमार, अरविन्द शर्मा, दिनेश कुमार, नागेन्द्र सहित थाना रिजर्व गार्ड के सशस्त्र बल शामिल थे।



