Jamshedpur: सोनारी के अहाना हाउसिंग प्रोजेक्ट में शुक्रवार शाम श्रम विभाग ने छापेमारी कर 150 से अधिक बाहरी मजदूरों को काम करते हुए पकड़ा। जांच में पता चला कि कंपनी ने केवल 90 मजदूरों के लिए लाइसेंस लिया था, लेकिन असल में गुजरात, पश्चिम बंगाल और बिहार के मजदूरों से काम कराया जा रहा था।
लाइसेंस उल्लंघन और काम रोकने का आदेश
श्रम अधीक्षक सतेंद्र प्रसाद सिंह खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि कंपनी के पास अतिरिक्त मजदूरों के लिए कोई लाइसेंस या रजिस्टर मौजूद नहीं था। इस आधार पर श्रम विभाग ने निर्माण कार्य तत्काल रोकने का आदेश दिया और सभी मजदूरों को 15 दिन का वेतन देने का निर्देश जारी किया।
मजदूरों की भर्ती प्रक्रिया की जांच जारी
अहाना हाउसिंग प्रोजेक्ट में 11 मंजिला इमारत का निर्माण हो रहा है। विभाग अब मजदूरों की भर्ती प्रक्रिया की जांच कर रहा है और कंपनी के खिलाफ उचित कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
सोनारी पुलिस भी मौके पर मौजूद
श्रम विभाग की कार्रवाई के दौरान सोनारी पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और थाने में मामले की लिखित सूचना दी। इस कार्रवाई के बाद प्रोजेक्ट में सुरक्षा और श्रम कानूनों के अनुपालन को सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस छापे से यह स्पष्ट हो गया है कि श्रम कानूनों के उल्लंघन पर विभाग सख्ती से निपट रहा है और निर्माण क्षेत्रों में गैरकानूनी मजदूर भर्ती पर नजर रखी जा रही है।



