Ranchi : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार को राज भवन से ओटीसी ग्राउंड तक आयोजित “सरदार @150 पदयात्रा” (यूनिटी मार्च – एक भारत, आत्मनिर्भर भारत) में भाग लेकर प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी और भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री, ‘लौहपुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का स्मरण करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की 562 रियासतों का विलय कर अखंड भारत की नींव रखी। उनकी दूरदृष्टि, साहस और राष्ट्रनिष्ठा हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा, “एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।”
युवाओं को आदर्श अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान
संतोष कुमार गंगवार ने युवाओं से कहा कि वे केवल सरदार पटेल के आदर्शों को याद न करें, बल्कि उन्हें अपने आचरण, कर्तव्यों और जीवन मूल्यों में अपनाएँ। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
राज्यपाल ने युवाओं को न केवल प्रेरित किया, बल्कि NSS, NCC, Scouts & Guides, MY Bharat Volunteers और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के हजारों छात्र-छात्राओं की भागीदारी को उत्साहजनक बताया। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं की एकजुटता, संकल्प और चरित्र पर आधारित है।
राष्ट्रीय एकता और सेवा भावना को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियां
राज्यपाल ने बताया कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा सरदार पटेल की 150वीं जयंती को जन-आंदोलन के रूप में मनाना सराहनीय पहल है। देशभर में आयोजित पदयात्राएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, निबंध और क्विज़ प्रतियोगिताएं, “एक था सरदार” पॉडकास्ट और राष्ट्रीय रील प्रतियोगिता युवाओं में राष्ट्रभावना और सामाजिक जिम्मेदारी को प्रबल करेंगी।
स्वदेशी अपनाने और नशामुक्ति की शपथ
इस अवसर पर राज्यपाल ने उपस्थित सभी लोगों को स्वदेशी अपनाने और नशामुक्त जीवन के लिए शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा से प्रेरणा लेकर हम सभी राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव के संकल्प को और दृढ़ करें।
इस कार्यक्रम में राज्य के नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं, NSS, NCC और अन्य स्वयंसेवी संगठन सक्रिय रूप से शामिल हुए। राज्यपाल ने सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी और उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।



