Ranchi : रांची एसीबी ने सिटी डीएसपी के रीडर सिपाही सुनील पासवान को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता मिथुन कुमार ने बताया कि सुनील ने उनके भाई को दहेज प्रताड़ना के केस में बचाने के लिए रिश्वत मांगी थी। एसीबी ने शिकायत की जांच के बाद सुनील को गिरफ्तार किया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
सुनील पासवान मूल रूप से बिहार के लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र के लखना गांव का रहने वाला है। शिकायतकर्ता मिथुन कुमार रामगढ़ के रजरप्पा थाना क्षेत्र के पोटमदगा गांव के निवासी हैं। उन्होंने लिखित आवेदन एसीबी, रांची में देकर आरोप लगाया कि सुनील पासवान ने उनके भाई को बचाने के एवज में 40 हजार रुपये रिश्वत मांगी।
इस मामले में सुनील पासवान का भाई वनरक्षी जितेन्द्र कुमार चुटिया थाना में दहेज प्रताड़ना के केस में फंसा हुआ था। कांड संख्या 103/25 के तहत 5 मई 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की राशि घटाकर 25 हजार रुपये तय की और इसकी सूचना एसीबी को दी।
एसीबी ने शिकायत की विधिवत जांच की और आरोपों को सत्य पाया। इसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को कांड संख्या-19/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की जांच पूरी होने के बाद एसीबी ने सुनील पासवान को 16 अक्टूबर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई से इलाके में सुनील पासवान की रिश्वतखोरी का मामला उजागर हुआ। एसीबी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपित पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी जारी रहेगी।
यह कार्रवाई झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देती है। अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो सभी स्तरों पर निगरानी रखेगा। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।



