Ghatsila : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने घाटशिला उपचुनाव के लिए दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के बेटे सोमेश सोरेन को उम्मीदवार घोषित किया। हालांकि कांग्रेस का समर्थन मिलने के बावजूद झामुमो ने इंडी गठबंधन के साथ कोई संयुक्त बैठक नहीं की। यह रणनीति घाटशिला में JMM की अलग छवि दिखाने के तौर पर देखी जा रही है।
सिंबल लेकर सीधे रांची से जमशेदपुर पहुंचे सोमेश सोरेन ने झामुमो नेताओं से मुलाकात की। हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के साथ परिवारिक आशीर्वाद भी लिया गया। इसके बाद उन्होंने जमशेदपुर में स्थानीय नेताओं और नागरिकों से मिलने का सिलसिला जारी रखा।
घाटशिला में कांग्रेस और RJD के शीर्ष नेताओं से कोई औपचारिक मुलाकात नहीं की गई। यह कदम गठबंधन के भीतर दूरी बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। JMM ने इस बार अपने प्रत्याशी को सीधे मैदान में उतारने का फैसला किया।
बिहार में सीट न मिलने के कारण JMM के अंदर नाराजगी देखी जा रही है। कांग्रेस और RJD ने सोशल मीडिया या सार्वजनिक रूप से अभी तक प्रत्याशी के समर्थन की घोषणा नहीं की है। राजनीतिक जानकार इसे बिहार में बदलते समीकरण का असर भी मान रहे हैं।
सोमेश सोरेन ने उपचुनाव में जीत के लिए पूरी तैयारी की है। झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन अपनी पूरी ताकत झोंकने वाले हैं। नामांकन सभा और प्रचार के दौरान उनका सक्रिय नेतृत्व प्रत्याशी को मजबूती देगा।
17 अक्टूबर को घाटशिला में नामांकन सभा होगी। इस अवसर पर यह स्पष्ट हो जाएगा कि इंडी गठबंधन की एकजुटता किस रूप में सामने आएगी। चुनावी रणनीति और गठबंधन सहयोगियों की भागीदारी उपचुनाव के परिणाम पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है।



