Khunti: कर्रा राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य सह उच्च विद्यालय, तिलमी में शुक्रवार को एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को मिट्टी जांच (Soil Testing) का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण स्कूल सोइल हेल्थ प्रोग्राम के तहत कृषि विभाग के आत्मा खूंटी द्वारा आयोजित किया गया। 
भारत सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ कृषि से भी जोड़ना और उन्हें खेती-किसानी की मूलभूत जानकारी देना है। इसके जरिए बच्चों को न केवल कृषि विज्ञान के महत्व से अवगत कराया जा रहा है बल्कि भविष्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर खेती को और उन्नत बनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को कृषि से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराते हुए परियोजना निदेशक, अनुरंजन ने मिट्टी में मौजूद विभिन्न पोषक तत्वों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिट्टी जांच क्यों आवश्यक है, यह फसलों के लिए कैसे लाभकारी है और मिट्टी नमूना एकत्र करने की वैज्ञानिक विधि क्या है। 
इसके बाद बच्चों को प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से मिट्टी का नमूना एकत्र करने की प्रक्रिया दिखाई गई। प्रशिक्षण के दौरान बच्चे काफी उत्साहित और जिज्ञासु नजर आए। उन्होंने कृषि से जुड़ी कई जानकारियाँ ध्यानपूर्वक सुनीं और प्रश्न भी पूछे।
कार्यक्रम का संचालन बीटीएम स्नेह लता तिग्गा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्पा बाखला, विज्ञान शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, एटीएम माधुरी लकड़ा, कृषक मित्र महकु लोहरा सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
स्थानीय स्तर पर आयोजित इस प्रशिक्षण ने बच्चों में कृषि विज्ञान के प्रति नई रुचि और जिज्ञासा उत्पन्न की है। उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसे कार्यक्रमों से आने वाली पीढ़ी खेती-किसानी में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर कृषि को और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



