Ranchi: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं की संख्या में बड़ी कमी आई है। योजना की शुरुआत में करीब 55 लाख 10 हजार महिलाएं इससे जुड़ी हुई थीं, लेकिन जुलाई 2025 तक यह संख्या घटकर 50 लाख 65 हजार रह गई है। यानी अब तक कुल 4 लाख 54 हजार महिलाओं के नाम लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं।
प्रशासन ने बताई वजहें
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, लाभुकों के नाम हटाने के पीछे कई कारण बताए गए हैं—
उम्र सीमा पार करने वाली महिलाएं : योजना का लाभ केवल 50 साल तक की महिलाओं को दिया जाना है। जिनकी उम्र 50 वर्ष से ऊपर हो चुकी है, उन्हें सूची से हटा दिया गया है।
आधार सीडिंग में गड़बड़ी : बड़ी संख्या में महिलाओं के आधार कार्ड की बैंक खातों से सीडिंग नहीं हो पाई थी। आधार लिंक न होने के कारण उनका नाम स्वतः योजना से बाहर हो गया।
मृत लाभुकों के नाम हटाए गए : कई ऐसी महिलाएं भी सूची में दर्ज थीं, जिनका अब निधन हो चुका है। प्रशासन ने उनका नाम भी हटा दिया है।
योजना का उद्देश्य
मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में शुरू की गई एक बड़ी पहल है। इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहयोग दिया जाता है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
लाभुकों की घटती संख्या पर उठे सवाल
लाभुकों की घटती संख्या को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि आधार सीडिंग या तकनीकी कारणों से असली जरूरतमंद महिलाएं भी योजना से वंचित हो रही हैं। वहीं, प्रशासन का तर्क है कि डेटा को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक थी।
आगे की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब आधार और बैंक खातों को सीडिंग कराने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने की तैयारी कर रही है, ताकि वास्तविक पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेना जारी रख सकें।



