Dhanbad : झारखंड के धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण की मांग को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर सांसद ढुल्लू महतो के नेतृत्व में शुक्रवार को एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस प्रदर्शन ने साफ संकेत दिया कि अब यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि जनभावना से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है।
प्रदर्शन की शुरुआत शहर के गोल्फ ग्राउंड से रैली के रूप में हुई, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रणधीर वर्मा चौक पहुंची, जहां धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों में एयरपोर्ट निर्माण को लेकर जबरदस्त उत्साह और आक्रोश देखने को मिला।
धरना को संबोधित करते हुए सांसद ढुल्लू महतो ने राज्य सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जबकि केंद्र सरकार से फंड की व्यवस्था वह खुद कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा है।

सांसद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर जल्द एयरपोर्ट निर्माण को मंजूरी नहीं दी गई, तो धनबाद में चक्का जाम किया जाएगा। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर रेल रोको आंदोलन भी किया जाएगा। उनके इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
इस प्रदर्शन में पूर्व सांसद पी एन सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि बलियापुर क्षेत्र में लगभग 640 एकड़ जमीन एयरपोर्ट के लिए चिन्हित की जा चुकी है, जबकि कुल करीब 750 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। उन्होंने राज्य सरकार से इस दिशा में जल्द निर्णय लेने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान यह भी सुझाव दिया गया कि यदि राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाना चाहती, तो अंडाल एयरपोर्ट मॉडल की तर्ज पर इसे विकसित किया जा सकता है। इस मॉडल का उदाहरण देते हुए नेताओं ने कहा कि निजी और सार्वजनिक भागीदारी के जरिए भी एयरपोर्ट निर्माण संभव है।
फिलहाल, धनबाद में एयरपोर्ट की मांग को लेकर जनदबाव और राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। नेताओं की चेतावनी और जनता की भागीदारी को देखते हुए यह साफ है कि अगर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है, जिसकी गूंज सड़क से लेकर रेलवे ट्रैक तक सुनाई दे सकती है।



