Ranchi: रांची में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने अपनी ही सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।
रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अंबा प्रसाद ने हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 13 वर्षीय बच्ची की हत्या, रांची में लगातार हो रही पेट्रोल पंप लूट और जमशेदपुर की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से साफ है कि राज्य में अपराध बढ़ता जा रहा है और पुलिस उस पर लगाम लगाने में असफल रही है।
उन्होंने झारखंड पुलिस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब घर तोड़ने की बात आती है तो पुलिस ‘सुपर कॉप’ बन जाती है, लेकिन अपराध रोकने में उसकी तत्परता नहीं दिखती। उनके अनुसार, राजधानी रांची अब अपराध की राजधानी बनती जा रही है।
अंबा प्रसाद ने राज्य की डीजीपी पर भी निशाना साधा और कहा कि वर्तमान में पुलिस नेतृत्व पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रिटायरमेंट के बाद डीजीपी की नियुक्ति की गई है, जिससे पुलिस व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ है।
उन्होंने आपातकालीन सेवाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले 100 नंबर पर कॉल का जवाब नहीं मिलता था और अब 112 पर भी वही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बड़कागांव क्षेत्र की एक लापता बच्ची का उदाहरण देते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज कराने में भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए अंबा प्रसाद ने कहा कि राज्य में शासन स्वतंत्र नहीं बल्कि प्रायोजित हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का नियंत्रण सरकार के पास होने के बावजूद बाहरी प्रभाव भी नजर आ रहा है, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा, उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखते हुए कहा कि झामुमो और भाजपा के बीच अप्रत्यक्ष संबंध दिखाई देते हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि पार्टी केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है और वे जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेंगी।



