Ranchi: रांची में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं होने के विरोध में भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं किया।
भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण की बात करती है, जबकि दूसरी ओर आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने के मामले में वादाखिलाफी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय महिलाओं से बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब सरकार उन वादों से पीछे हट रही है।
नवीन जायसवाल ने यह भी कहा कि सिर्फ आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका ही नहीं, बल्कि रसोइया दीदी और जेएसएलपीएस के कर्मचारियों के साथ भी सरकार ने न्याय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि 2019 और 2024 के चुनाव में मानदेय बढ़ाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके कारण आक्रोश बढ़ रहा है।
वहीं भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता ने कहा कि इतनी कम राशि में सेविका और सहायिकाएं लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को सम्मानजनक मानदेय दिलाने के लिए भाजपा उनका समर्थन कर रही है और सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
इधर, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार लगातार सहिया बहनों की सुविधाएं बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि भले ही उनका मूल मानदेय 2000 रुपये है, लेकिन विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें करीब 15 हजार रुपये तक की राशि मिल जाती है। साथ ही हाल ही में उन्हें टैब भी उपलब्ध कराया गया है और सरकार उनके हित में लगातार काम कर रही है।


