Dhanbad: धनबाद में जमीन विवाद को लेकर एक बार फिर भाजपा सांसद Dhullu Mahto चर्चा में आ गए हैं। कुछ रैयतों ने उन पर जबरन जमीन कब्जाने और बाउंड्री वॉल बनवाने का आरोप लगाया है। वहीं सांसद ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह उन्हें बदनाम करने के लिए विरोधियों की साजिश है।
मामला बाघमारा क्षेत्र के दरिदा मोजा से जुड़ा है, जहां विवादित बाउंड्री वॉल को लेकर रैयतों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका आरोप है कि सांसद द्वारा बनवाई गई बाउंड्री वॉल उनकी जमीन तक आने-जाने के रास्ते में बाधा बन रही है। रैयतों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बाउंड्री वॉल को जल्द बुलडोजर से नहीं हटाया गया तो वे उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
रैयतों का कहना है कि वे वर्ष 2017-18 से अपनी जमीन के अधिकार को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान बाघमारा प्रखंड कार्यालय के पास करीब दो महीने तक धरना दिया गया, जबकि रणधीर वर्मा चौक और राजभवन रांची के सामने भी अर्धनग्न प्रदर्शन किया गया। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस विवाद के बीच सरयू राय द्वारा भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया गया था। बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से बाउंड्री वॉल हटाने का निर्देश भी दिया गया था, लेकिन बाद में कोर्ट के आदेश के बाद मामला फिलहाल स्थगित हो गया। इसी बीच भूली ओपी क्षेत्र के नावाडीह में भी जमीन को लेकर नया विवाद सामने आया है, जहां 96 डिसमिल जमीन को अपनी पुश्तैनी संपत्ति बताने वाले गणेश कुमार रवानी ने सांसद पर जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है।
गणेश कुमार रवानी का कहना है कि सांसद के लोग जमीन पर आकर जबरन बाउंड्री कराने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें जमीन देने के लिए एक करोड़ रुपये की पेशकश भी की गई। हालांकि सांसद ढुल्लू महतो ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो मामले की सीबीआई जांच करा ली जाए, जिससे सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी रामराज मंदिर निर्माण के दौरान उन पर इसी तरह के आरोप लगाए गए थे, जो बाद में गलत साबित हुए।


