रांची में एलपीजी किल्लत पर प्रशासन का कड़ा रुख: कालाबाजारी करने वालों पर लगेगा ‘जीरो टॉलरेंस’ का चाबुक
रांची: राजधानी में घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं और उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में गैस वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रमुख निर्णय और सख्त निर्देश
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कालाबाजारी पर सीधी कार्रवाई: उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग या अवैध भंडारण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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शिकायत के लिए हेल्पलाइन: यदि किसी भी उपभोक्ता को कालाबाजारी या अवैध वसूली की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत प्रशासन के ‘अबुआ साथी’ हेल्पलाइन नंबर 9430328080 पर संपर्क कर सकते हैं।
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अनावश्यक बुकिंग से बचें: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर (Panic Booking) एडवांस बुकिंग न करें। इससे सॉफ्टवेयर सिस्टम पर दबाव बढ़ता है और वितरण चक्र प्रभावित होता है।
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उपभोक्ताओं के लिए वैकल्पिक समाधान
बैठक में आपूर्ति सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने दो मुख्य विकल्पों पर जोर दिया है:
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5 किलो का छोटा सिलेंडर: आपात स्थिति के लिए बाजार में 5 किलो के छोटे सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उपभोक्ता अपना आधार कार्ड दिखाकर इसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
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PNG (पाइपलाइन गैस) पर जोर: जिन क्षेत्रों या अपार्टमेंट्स में पाइपलाइन की सुविधा है, वहां लोग PNG कनेक्शन ले सकते हैं। वर्तमान में रांची के 24 हजार से अधिक घरों में यह सुविधा सक्रिय है। नए कनेक्शन के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-123-121111 जारी किया गया है।
कंपनियों का दावा: स्टॉक पर्याप्त है
बैठक में इंडेन, एचपी और भारत गैस के अधिकारियों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि गैस का स्टॉक पर्याप्त है और घबराने की जरूरत नहीं है। आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी और अन्य अधिकारियों को लगातार फील्ड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है ताकि वितरण प्रणाली को सामान्य बनाए रखा जा सके।


