Hazaribagh: जिले के बरही क्षेत्र स्थित दनुआ घाटी में लगातार हो रही सड़क बिछाने का मामला गुरुवार को झारखंड विधानसभा में गूंजा। बरही के विधायक मनोज कुमार यादव ने शून्यकाल के दौरान इस गंभीर मुद्दे को लंबित हुए सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की गाड़ियों पर सवाल उठाए।
“डेथ जोन” बनती जा रही दनुआ घाटी
विधायक ने कहा कि चोरदाहा–दनुआ घाटी क्षेत्र में आए दिन होने वाली दुर्घटनाएं अब आम हो गई हैं। उनके अनुसार यहां हर दो से तीन दिन में एक गंभीर हादसा हो जाता है। तेज ढलान, तीखे मोड़, क्षतिग्रस्त डिवाइडर और पर्याप्त चेतावनी संकेतों की कमी के कारण वाहन अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि कई परिवारों के लिए दुखद त्रासदी बन चुके हैं और घाटी का यह इलाका धीरे-धीरे “डेथ जोन” में बदलता जा रहा है।
ब्लैक स्पॉट का सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग
विधायक मनोज यादव ने सरकार से मांग की कि NHAI के साथ समन्वय स्थापित कर दनुआ घाटी के सभी ब्लैक स्पॉट का विशेष सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। उनका कहना है कि तकनीकी खामियों की पहचान कर उन्हें दूर किए बिना दुर्घटनाओं को रोकना संभव नहीं है।
एस्केप रैंप और अन्य सुरक्षा उपाय जरूरी
उन्होंने घाटी की ढलान पर अनियंत्रित हो जाने वाले भारी वाहनों को सुरक्षित रोकने के लिए एस्केप रैंप बनाने की भी मांग की। इसके अलावा उन्होंने आधुनिक रंबल स्ट्रिप्स स्पष्ट चेतावनी बोर्ड बेहतर ट्रैफिक सेफ्टी उपाय लागू करने पर जोर दिया।
विधायक ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो दनुआ घाटी में हादसों का सिलसिला जारी रहेगा और यह क्षेत्र यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बना रहेगा।



