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पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच की मांग, आदिवासी समन्वय समिति ने सरकार को सौंपा स्मार पत्र

Khunti: खूंटी जिले के चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड को लेकर आदिवासी समन्वय समिति ने झारखंड सरकार के नाम एक स्मार पत्र उपायुक्त खूंटी के माध्यम से सौंपा है। समिति ने इस मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने सहित कुल आठ प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं।

स्मार पत्र में कहा गया है कि 7 जनवरी 2026 को एदेल संगा पड़हा के पड़हा राजा सोमा मुंडा की अपराधियों द्वारा खूंटी से हुटार के चलागी स्थित अपने घर लौटने के दौरान गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना से आदिवासी स्वशासन व्यवस्था से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक अगुवाओं के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की जनता को गहरा आघात पहुंचा है।

घटना के बाद खूंटी जिले में भारी आक्रोश देखने को मिला था। आक्रोशित लोगों ने सोमा मुंडा के पार्थिव शरीर को खूंटी के भगत सिंह चौक में रखकर विरोध प्रदर्शन किया था और सरकार से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी तथा न्याय की मांग की थी। उस समय भी उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को मांग पत्र सौंपा गया था।

समिति का कहना है कि अब तक इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई से जिले की जनता संतुष्ट नहीं है। लोगों का आरोप है कि मामले में उचित कार्रवाई करने के बजाय इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी को देखते हुए आदिवासी समन्वय समिति ने पुनः सरकार से न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग करते हुए स्मार पत्र सौंपा है।

स्मार पत्र में रखी गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

हत्याकांड में शामिल अन्य सभी अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए तथा मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई से कराई जाए, ताकि इसमें शामिल दोषियों, कथित भू-माफियाओं और अधिकारियों की मिलीभगत का खुलासा हो सके।

मृतक के आश्रितों को 5 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा दिया जाए।

परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

मृतक के परिवार के सदस्यों को प्रशासनिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

स्वर्गीय सोमा मुंडा द्वारा संचालित बिरसा उच्च विद्यालय चलांगी को झारखंड सरकार द्वारा आवासीय विद्यालय के रूप में गोद लिया जाए।

सोमा मुंडा को शहीद का दर्जा देकर राजकीय सम्मान दिया जाए।

इटार चौक स्थित चौक का नाम शहीद सोमा मुंडा के नाम पर रखा जाए तथा जियारप्पा मौजा की जमीन पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए।

जिले के सभी आदिवासी सामाजिक एवं राजनीतिक नेताओं तथा जनजागरूकता में लगे अगुवाओं को सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

इस दौरान आदिवासी समन्वय समिति के केंद्रीय संयोजक मार्शल बारला, दुर्गावती ओडया, संरक्षक दामु मुंडा, चुनकू मुंडा, फ्रेंकलिन धान, मंगल सिंह मुंडा, खूंटी जिला अध्यक्ष चंद्रप्रभात मुंडा, उपाध्यक्ष सुरजु हस्सा, जैक जॉन हमसोय सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे।

समिति ने सरकार से मांगों पर जल्द न्यायोचित कार्रवाई करने की अपील करते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाया गया तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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