Ranchi: झारखंड में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई ₹60 और ₹120 की बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस, राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इस बढ़ोतरी पर केंद्र सरकार की आलोचना की। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कोई नई बात नहीं है, यह 2014 से लगातार जारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोरोना महामारी और ईरान संकट जैसे बहाने बनाकर जरूरी चीजों की कीमतें लगातार बढ़ाई जा सकती हैं, क्योंकि केंद्र सरकार आपदा में अवसर तलाशने वाले तरीकों पर निर्भर कर रही है।
कांग्रेस ने कीमतों में बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदेश प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि देश पिछले 11 साल से महंगाई की मार झेल रहा है और नरेंद्र मोदी सरकार महंगाई को कंट्रोल करने और युवाओं को रोजगार देने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ी हुई कीमतें आम आदमी के बजट पर सीधे असर डालती हैं, इसलिए इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। वहीं, झारखंड कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजानी ने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीब और मिडिल क्लास पर सीधे महंगाई का बोझ डाला है और यह फैसला आम लोगों की रसोई पर हमला है।
सतीश पॉल मुंजानी ने यह भी सवाल उठाया कि हाल ही में केंद्र सरकार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं होने की बात साफ कर दी थी। इंडियन ऑयल ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को भी खारिज कर दिया था, जिनमें देश में ईंधन की कमी का दावा किया गया था। ऐसे में यह सवाल उठता है कि एलपीजी के दाम क्यों बढ़ाए गए।
राजद के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि भाजपा नेता जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ाकर आम आदमी के बजट पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेना चाहिए, ताकि आम लोगों की मुश्किलें कम हो सकें।
भाजपा ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि यह बढ़ोतरी अस्थायी है और देश इस समय ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी गंभीर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से जूझ रहा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि इस वैश्विक संकट का देश पर बुरा असर न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे, एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी वापस ले ली जाएगी और विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।



