Dhanbad: बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल के झामुमो में शामिल होते ही धनबाद की सियासत गरमा गई है। झारखंड की पहली 8 लेन सड़क समेत कई बड़े विकास कार्यों से जुड़े नाम होने के बावजूद उनकी एंट्री ने झामुमो में मेयर पद को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
दरअसल, झामुमो पहले ही अपनी प्रदेश प्रवक्ता डॉ. नीलम मिश्रा को मेयर पद के लिए समर्थित उम्मीदवार घोषित कर चुका है। लेकिन सोमवार को चंद्रशेखर अग्रवाल के पार्टी में आने के बाद कार्यकर्ताओं से लेकर बड़े नेताओं तक में यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर पार्टी समर्थन किसे मिलेगा।
स्थापना दिवस पर टिकी निगाहें
4 फरवरी को धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में झामुमो का 54वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित होना है। नगर निकाय चुनाव को देखते हुए यह कार्यक्रम बेहद अहम माना जा रहा है। बुधवार को इस समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल होंगे, और पार्टी नेताओं का मानना है कि यहीं से तस्वीर साफ हो सकती है।
नेताओं ने साधी चुप्पी
चंद्रशेखर अग्रवाल की एंट्री पर झामुमो के बड़े नेता फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
सचेतक सह टुंडी विधायक मथुरा महतो ने कहा कि मेयर पद को लेकर पार्टी में बैठकर बातचीत होगी और सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।
वरिष्ठ नेता मुकेश सिंह ने साफ किया कि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व को लेना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश के बाद ही तय होगा कि झामुमो किसे समर्थन देगा।
पार्टी जो कहेगी, वही मंजूर
इस पूरे मामले पर खुद चंद्रशेखर अग्रवाल ने भी संतुलित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “मेयर प्रत्याशी को लेकर जो भी निर्णय पार्टी लेगी, वह मुझे स्वीकार होगा।” वहीं, केंद्रीय सदस्य रमेश टुडू और अन्य नेताओं का भी यही कहना है कि पार्टी के आधिकारिक निर्देश के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
सियासी हलचल तेज
कुल मिलाकर, चंद्रशेखर अग्रवाल की झामुमो में एंट्री ने धनबाद के मेयर चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। अब सबकी नजरें 4 फरवरी के स्थापना दिवस समारोह और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसले पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो सकता है कि झामुमो का असली चेहरा मेयर की दौड़ में कौन होगा।


