Sohibganj: जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उपायुक्त हेमंत सती ने अहम पहल की है। इस पहल का सीधा लाभ जिले के आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय को मिलेगा। अब पहाड़ियां गांव में प्रतिदिन ओपीडी सेवा संचालित की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि गांव में चलने वाली सभी एम्बुलेंस में जीपीएस सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एम्बुलेंस तय गांव तक पहुंच रही है या नहीं। इसकी दैनिक रिपोर्ट नोडल पदाधिकारी (आयुष) आतिश कुमार को सौंपी जाएगी और जिला कंट्रोल रूम से इसकी नियमित निगरानी की जाएगी।
एम्बुलेंस का हुआ भौतिक सत्यापन
डीसी के निर्देश पर जिले की सभी एम्बुलेंस को बुलाकर भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान ओपीडी एम्बुलेंस, कार्डियो एम्बुलेंस और पीएम जनमन योजना के तहत संचालित मोबाइल यूनिट एम्बुलेंस की गहन जांच की गई। जांच के दौरान एम्बुलेंस की तकनीकी स्थिति, उपलब्ध चिकित्सीय उपकरण, साफ-सफाई और संचालन व्यवस्था की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने आयुष्मान योजना के तहत एम्बुलेंस की कमी को पूरा करने का भी निर्देश दिया।
गांव में ही मिलेगी ओपीडी सुविधा
निरीक्षण के दौरान सभी एम्बुलेंस के रूट चार्ट की भी जानकारी ली गई। जिला स्वास्थ्य विभाग और उपायुक्त के आदेश के बाद व्यवस्थाएं तेज कर दी गई हैं। अब पहाड़िया समुदाय के गरीब और जरूरतमंद लोगों को गांव में ही ओपीडी सेवा मिलने से बड़ी राहत मिलेगी।
एम्बुलेंस की कमी से जूझ रहा जिला
गौरतलब है कि साहिबगंज जिला लंबे समय से एम्बुलेंस की कमी से जूझ रहा है। वर्तमान में 108 सेवा के तहत एम्बुलेंस उपलब्ध हैं, लेकिन जिला स्वास्थ्य विभाग के पास सीमित संसाधन हैं। कुल 14 में से फिलहाल 8 एम्बुलेंस ही संचालित हैं।
पीएम जनमन योजना के तहत तीन एम्बुलेंस चलाई जा रही हैं, जबकि एक कार्डियो एम्बुलेंस को मरम्मत कर वापस सेवा में लाया गया है।
इस पहल से न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि पहाड़िया समुदाय के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।


