Khunti: खूंटी जिले के ड्रग्स एसोसिएशन की एक टीम ने मंगलवार को सदर अस्पताल, खूंटी का दौरा कर प्रधानमंत्री जन औषधि दवा दुकान में हो रही कथित अनियमितताओं को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। एसोसिएशन का आरोप है कि जन औषधि केंद्र में जहां केवल जेनेरिक दवाओं की बिक्री की अनुमति है, वहीं नियमों को ताक पर रखकर बाहर से दवाएं मंगाकर मरीजों को अधिक दर पर बेची जा रही हैं। 
ड्रग्स एसोसिएशन खूंटी के अध्यक्ष रवि प्रकाश ने इस संबंध में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि दवा दुकान का उद्देश्य आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन सदर अस्पताल परिसर स्थित जन औषधि केंद्र के संचालक द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र में बाहर से दवाएं लाकर बेचना न सिर्फ नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे स्थानीय दवा दुकानदारों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 
रवि प्रकाश ने आगे बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी की जा चुकी है। शिकायत के बाद झारखंड के ड्रग कंट्रोलर स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे थे और जन औषधि केंद्र के संचालक को स्पष्ट निर्देश दिया था कि अनुमति प्राप्त जेनेरिक दवाओं के अलावा किसी अन्य प्रकार की दवा की बिक्री न की जाए। बावजूद इसके, जन औषधि दवा दुकान के संचालक पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और लगातार नियमों के विरुद्ध अन्य दवाओं की बिक्री जारी है।
इसी को लेकर मंगलवार को ड्रग्स एसोसिएशन के सदस्य सामूहिक रूप से सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आनंद उरांव से मिले और उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया। एसोसिएशन ने अस्पताल प्रशासन से इस पर शीघ्र और सख्त कार्रवाई की मांग की।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आनंद उरांव ने बताया कि ड्रग्स एसोसिएशन खूंटी के सदस्य उनके पास शिकायत लेकर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जन औषधि दवा दुकान के संचालक द्वारा निर्धारित दवाओं के अलावा बाहर से दवाएं लाकर बेचे जाने की शिकायत मिली है, जो नियमों के अनुरूप नहीं है।
डॉ. उरांव ने बताया कि एसोसिएशन को आश्वस्त किया गया है कि संबंधित दवा विक्रेता को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएंगे और नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में दोबारा ऐसी कोई गलती पाई जाती है, तो संबंधित जन औषधि दवा दुकान के संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, अस्पताल प्रशासन के आश्वासन के बाद ड्रग्स एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और जन औषधि केंद्र अपने मूल उद्देश्य के अनुरूप ही संचालित किया जाएगा।



