Ranchi: झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को कुल 1,280 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया, जिनमें 106 मेयर और अध्यक्ष पद के उम्मीदवार जबकि 1,174 प्रत्याशी वार्ड पार्षद पद के लिए शामिल रहे। इसके साथ ही अब तक कुल 129 मेयर/अध्यक्ष और 1,302 वार्ड पार्षद पद के लिए नामांकन हो चुका है।
महिलाओं की मजबूत भागीदारी
सोमवार को नामांकन करने वालों में महिलाओं की भागीदारी खास तौर पर देखने को मिली। इस दिन मेयर व अध्यक्ष पद के लिए 44 और वार्ड पार्षद पद के लिए 611 महिलाओं ने पर्चा भरा। कुल मिलाकर अब तक मेयर-अध्यक्ष पद के लिए 56 और वार्ड पार्षद पद के लिए 683 महिलाएं नामांकन कर चुकी हैं।
4 फरवरी तक नामांकन, 7 से तेज होगा प्रचार
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 4 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके बाद 5 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच, 6 फरवरी तक नाम वापसी और 7 फरवरी को चुनाव चिह्न आवंटन किया जाएगा। इसके साथ ही चुनाव प्रचार भी पूरे जोर पर शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि मंगलवार और बुधवार को नामांकन की संख्या में और इजाफा होगा।
देवघर में भाजपा के दो नेताओं ने भरा पर्चा
देवघर नगर निगम में महापौर पद को लेकर भाजपा में स्थिति रोचक हो गई है। यहां से रीता चौरसिया और बाबा बलियासे—दोनों भाजपा नेताओं ने नामांकन दाखिल किया है। हालांकि पार्टी की ओर से अंतिम समय में रीता चौरसिया को समर्थन देने का निर्णय लिया गया है। वहीं गोड्डा नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए झामुमो समर्थित राजेश मंडल सहित तीन उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है।
कांग्रेस ने भी फाइनल किए समर्थित उम्मीदवार
भले ही नगर निकाय चुनाव दलगत आधार पर नहीं हो रहा हो, लेकिन राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवारों के नाम तय कर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर लिए हैं।
गढ़वा से पूर्व विधायक केएन त्रिपाठी की पुत्री नम्रता त्रिपाठी, जमशेदपुर से मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता, बोकारो से उमेश गुप्ता और धनबाद से शमशेर आलम को कांग्रेस का समर्थन मिलने की बात सामने आ रही है। वहीं रांची से पूर्व मेयर रमा खलखो को पार्टी पहले ही हरी झंडी दे चुकी है। जिला कमेटियों द्वारा इन नामों को प्रदेश नेतृत्व तक भेज दिया गया है।
नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही अब सियासी घमासान भी तेज होता जा रहा है। नामांकन खत्म होते ही प्रचार अभियान में राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के आसार हैं।



