Godda: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मुलाकात इन दिनों राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों नेताओं की हाथ मिलाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसके बाद लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर दोनों के बीच क्या बातचीत हुई।
श्रद्धांजलि सभा में हुई मुलाकात
दरअसल, यह मुलाकात राजद विधायक सह झारखंड सरकार के मंत्री संजय प्रसाद यादव की दिवंगत माता स्वर्गीय प्राणवती देवी की श्रद्धांजलि सभा के दौरान हुई। यह कार्यक्रम बिहार के बांका जिले के बड़ी ढाका गांव स्थित मंत्री संजय प्रसाद यादव के पैतृक आवास पर आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच गर्मजोशी
सम्राट चौधरी भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, जबकि हेमंत सोरेन झामुमो के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हैं। दोनों दलों के बीच राजनीतिक मतभेद जगजाहिर हैं। ऐसे में श्रद्धांजलि सभा के दौरान दोनों नेताओं का एक-दूसरे से हाथ मिलाना और कुछ देर तक हाथ थामे मुस्कुराते रहना सभी का ध्यान खींच गया। नजरों-ही-नजरों में हुई यह बातचीत सियासी गलियारों में चर्चा का कारण बन गई।
शोकाकुल परिवार को दी सांत्वना
कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने शोकसंतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मौके पर गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके बाद उनका काफिला समारोह स्थल तक पहुंचा, जहां पहले से हजारों लोग मौजूद थे।
शांति भोज में उमड़ी भीड़
श्रद्धांजलि सभा के साथ शांति भोज का भी आयोजन किया गया था, जिसमें आम और खास सभी के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और मंत्री के समर्थकों ने आयोजन में भाग लिया और इसे सफल बनाया।
कई नेता रहे मौजूद
इस मौके पर मंत्री संजय प्रसाद यादव के अलावा बिहार के बेलहर विधायक एवं उनके अनुज मनोज यादव, मंत्री की धर्मपत्नी एवं गोड्डा की पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष कल्पना देवी, पुत्र रजनीश यादव सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। इससे पहले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी अपने समर्थकों के साथ श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। बिहार सरकार के कई मंत्री भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दो बड़े नेताओं की यह मुलाकात यह दिखाने के लिए काफी रही कि शोक और संवेदना के अवसर पर सियासत पीछे छूट जाती है, और यही वजह है कि यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।



