Jamshedpur : पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की सुनवाई का नोटिस मिलने के कुछ ही घंटों बाद एक बुजुर्ग की मौत से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। 65 वर्षीय आलम शेख के निधन को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं।
नोटिस मिलने के कुछ घंटे बाद मौत
चंद्रकोणा के महेशपुर गांव निवासी आलम शेख का गुरुवार देर रात निधन हो गया। परिवार के मुताबिक, वे लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित थे और पहले अस्पताल में भी भर्ती रह चुके थे। घर लौटने के बाद भी उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी। रात में घर पर ही दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।
परिवार ने नहीं दर्ज कराई शिकायत
परिजनों ने इस मामले में किसी तरह की पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इसी कारण शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया। परिवार का कहना है कि उनकी मौत का कारण दिल का दौरा है और वे पहले से बीमार थे।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप
हालांकि, स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने इस मौत को SIR नोटिस से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद आलम शेख मानसिक तनाव में आ गए थे, जिससे उनकी तबीयत और बिगड़ गई। पार्टी का दावा है कि नोटिस मिलने के कुछ ही घंटों बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी।
क्यों भेजा गया था SIR नोटिस
जानकारी के अनुसार, आलम शेख का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं था। वे चंद्रकोणा-2 ब्लॉक के भगवंतपुर पंचायत अंतर्गत महेशपुर-1 बूथ के मतदाता थे। उन्होंने एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा किया था, लेकिन 2002 से संबंधित पारिवारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके थे। इसी वजह से गुरुवार दोपहर उन्हें SIR सुनवाई का नोटिस भेजा गया।
भाजपा का पलटवार
चंद्रकोणा के विधायक अरूप धाड़ा ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दबाव से बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। वहीं भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर बेवजह डर फैलाने का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया थी, जिसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
प्रशासन का पक्ष
चंद्रकोणा-2 के बीडीओ उत्पल पाइक ने स्पष्ट किया कि 2002 की मतदाता सूची में नाम न होने के कारण ही आलम शेख को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। पुलिस ने भी बताया है कि मामला उनके संज्ञान में है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और SIR प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।



