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स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी पर बवाल, आदिवासी नेत्री निशा भगत के खिलाफ थाने में शिकायत

Ranchi : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी को लेकर सियासी बवाल मच गया है। इस मामले में आदिवासी नेत्री निशा भगत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आरिफ रजा ने इटकी थाना में लिखित शिकायत देकर निशा भगत के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।

आरिफ रजा ने अपने आवेदन में कहा है कि 24 दिसंबर 2024 को एक यूट्यूब चैनल ‘लोकतंत्र 19’ को दिए गए साक्षात्कार में निशा भगत ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री को लेकर ‘चप्पल से मारने’ जैसी टिप्पणी न सिर्फ उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली है, बल्कि इससे समर्थकों में भारी आक्रोश और मानसिक पीड़ा भी फैली है।

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि निशा भगत पूर्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के खिलाफ भी इसी तरह की गैर-जिम्मेदाराना और अमर्यादित टिप्पणियां कर चुकी हैं। इसे आदतन कृत्य बताते हुए उन्होंने भारतीय दंड संहिता की धारा 504 (जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत कार्रवाई की मांग की है।

इटकी थाना पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, आवेदन और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है, जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

निशा भगत ने दिया जवाब

इस पूरे विवाद पर निशा भगत ने कड़ा रुख अपनाया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपने बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि आदिवासियों की अस्मिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के मंत्री लगातार आदिवासी समाज के हितों की अनदेखी कर रहे हैं।

निशा भगत ने कहा कि झारखंड में बालू और कोयला खनन की खुलेआम लूट हो रही है, आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है और आदिवासी मुख्यमंत्री मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के बजाय धर्म और जाति की राजनीति करने का आरोप लगाया।

उन्होंने मौजूदा हालात को गंभीर बताते हुए पूरी राज्य सरकार से इस्तीफे की मांग की और झारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने की वकालत भी की। उल्लेखनीय है कि साक्षात्कार में निशा भगत ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए कहा था, “औकात में रहो इरफान अंसारी, नहीं तो चप्पल से मारेंगे।” इसी बयान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।

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