Dhanbad : धनबाद स्थित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) के दूसरे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। न्यू टाउन हॉल में आयोजित इस समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने 164 पीएचडी धारकों और गोल्ड मेडलिस्ट छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। विपरीत परिस्थितियों और अनेक चुनौतियों के बावजूद पढ़ाई पूरी करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि जीवन में नई जिम्मेदारियों को स्वीकार करने की औपचारिक शुरुआत भी है।
राज्यपाल ने कहा कि आज का समय सिर्फ डिग्री तक सीमित रहने का नहीं है। छात्रों को खोज, इनोवेशन और रिसर्च के नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना भी होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग नैतिकता और ईमानदारी के साथ करने की अपील की।
उन्होंने छात्रों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और कम से कम एक बच्चे को शिक्षित करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा कि यदि हर पढ़ा-लिखा युवा किसी एक बच्चे के भविष्य को संवारने का प्रयास करे, तो निरक्षरता, गरीबी और असमानता जैसी समस्याएं स्वतः कमजोर हो जाएंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा को समावेशी और सामाजिक रूप से उपयोगी बनाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने बताया कि राज्य की सभी यूनिवर्सिटीज में शैक्षणिक सत्रों को नियमित करने और प्रक्रियाओं को दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और जहां वाइस-चांसलर की नियुक्ति में देरी हो रही है, वहां अगले महीने तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि झारखंड में उच्च शिक्षा के अवसर अभी सीमित हैं और कम छात्र नामांकन ले रहे हैं। इस दिशा में सरकार और विश्वविद्यालय मिलकर सुधार के प्रयास कर रहे हैं। दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों ने राज्यपाल द्वारा दी गई शुभकामनाओं और भविष्य से जुड़ी सलाह को प्रेरणादायक बताया।



