Dharmendra’s Last Film Ikkis : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस की रिलीज से पहले देओल परिवार ने एक भावुक और खास ऐलान किया है। धर्मेंद्र के बेटे सनी देओल और बॉबी देओल अगले हफ्ते मुंबई में फिल्म इक्कीस की एक स्पेशल स्क्रीनिंग आयोजित करने जा रहे हैं, जिसे वे अपने दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि के तौर पर समर्पित करेंगे।
यह स्पेशल स्क्रीनिंग फिल्म की थिएट्रिकल रिलीज से पहले आयोजित होगी। इक्कीस 1 जनवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस इवेंट में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई नामचीन लोग और मीडिया के सदस्य शामिल हो सकते हैं, जहां धर्मेंद्र के भारतीय सिनेमा में दिए गए योगदान को याद किया जाएगा।
मुंबई में होगी स्पेशल स्क्रीनिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इक्कीस की यह विशेष स्क्रीनिंग 29 दिसंबर को मुंबई के अंधेरी स्थित PVR ICON में आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम देओल भाइयों के लिए बेहद निजी और भावनात्मक होगा, क्योंकि पिता के निधन के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम माना जा रहा है।

धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’
नेशनल अवॉर्ड विजेता निर्देशक श्रीराम राघवन द्वारा निर्देशित इक्कीस एक वॉर बायोपिक है, जो सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की सच्ची कहानी पर आधारित है। अरुण खेत्रपाल भारत के सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म में अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि धर्मेंद्र एक अहम किरदार में नजर आएंगे।
फिल्म में धर्मेंद्र अगस्त्य नंदा के किरदार के पिता की भूमिका निभाते हैं। हालांकि दोनों की कहानियां अलग-अलग टाइमलाइन में चलती हैं, जिस वजह से उनका साथ में स्क्रीन टाइम सीमित है। बावजूद इसके, यह फिल्म बड़े पर्दे पर धर्मेंद्र की आखिरी मौजूदगी होने के कारण बेहद खास मानी जा रही है।
शौर्य और बलिदान की कहानी
इक्कीस 1971 की बसंतर की लड़ाई की पृष्ठभूमि पर बनी है, जहां अरुण खेत्रपाल ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए दुश्मन के कई टैंकों को नष्ट किया और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। फिल्म का उद्देश्य न केवल उनके सैन्य शौर्य को दिखाना है, बल्कि पारिवारिक भावनाओं और रिश्तों को भी गहराई से पेश करना है।
1 जनवरी, 2026 को रिलीज होने वाली इक्कीस दर्शकों को धर्मेंद्र की यादगार परफॉर्मेंस देखने का आखिरी मौका देगी, वहीं सनी और बॉबी देओल की यह स्पेशल स्क्रीनिंग अपने पिता की विरासत को सम्मान देने की एक भावुक पहल मानी जा रही है।



