Ranchi : रांची में बुधवार को रिम्स शासी परिषद की बैठक में निदेशक डॉ. राजकुमार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के बीच छुट्टी को लेकर बहस हो गई। निदेशक ने बताया कि दो माह पहले छुट्टी का आवेदन किया था, जो रिजेक्ट कर दिया गया था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि आवश्यक हो तो पद छोड़ दें। तनाव की स्थिति को सांसद संजय सेठ ने शांत कराया और बैठक को आगे बढ़ाया।
बैठक में पावरग्रिड आश्रय शुल्क को घटाकर 100 रुपये से 20 रुपये प्रति दिन करने का निर्णय लिया गया। साथ ही रिम्स में नेट मशीन खरीदने और डिजिटल चिकित्सा रिकॉर्ड प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। स्वास्थ्य मंत्री ने रिम्स को मॉडल अस्पताल ऑफ झारखंड बनाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम बताया।
मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 100 नए वेंटिलेटर उपलब्ध कराने की घोषणा की गई। इसके अलावा, किसी मरीज की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को अंतिम संस्कार में 5000 रुपये आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने इसे केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।
बैठक में डॉक्टरों और कर्मचारियों की अनुशासनहीनता पर भी सख्त रुख अपनाया गया। बिना सूचना अनुपस्थिति, निजी प्रैक्टिस और ओपीडी अनुशासन के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। शासी परिषद ने डिजिटल रिपोर्टिंग, मरीज सहायता केंद्र, और बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से कर्मचारियों की निगरानी के लिए भी निर्णय लिया।
बैठक में रिम्स परिसर की साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, नए भवनों और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की गई। मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति और प्रोफेसर पदों पर साक्षात्कार आधारित भर्ती की प्रक्रिया पर भी निर्णय लिया गया। शासी परिषद ने रिम्स को राज्य की उम्मीदों के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाने का प्रस्ताव पारित किया।



